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महामारी के बाद ही स्टाफ के लोगों का अधिक ख्याल रखने की शुरुआत, अब कई कंपनियों में मैनेजरों की ट्रेनिंग, जानिये सब कुछ हिंदी में

 

महामारी के बाद ही स्टाफ के लोगों का अधिक ख्याल रखने की शुरुआत, अब कई कंपनियों में मैनेजरों की ट्रेनिंग, जानिये सब कुछ हिंदी में 



आपको बताते चले की कोरोना वायरस महामारी का प्रभाव जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में भी दिखाई पड़ने लगा है और फिर अमेरिकी कंपनियां अब कर्मचारियों का पहले के मुकाबले अधिक ध्यान रखने की कोशिश भी कर रही हैं और फिर उनकी भावनाओं को समझने और उनसे सहानुभूति पूर्ण व्यवहार के रास्ते भी तो खोजे ही जा रहे हैं।

इसके साथ ही आपको बताते चले की मैनेजरों को अच्छे बर्ताव की ट्रेनिंग देने के कार्यक्रम भी शुरू कर दिए गए हैं और फिर दूसरी ओर कर्मचारी महसूस करते हैं कि कार्यस्थल पर ऐसी भावना की कमी भी है। 


आपको बता दे की, 2021 की एक स्टडी के अनुसार चार में से केवल एक कर्मचारी सोचते हैं कि उनकी कंपनी में कर्मचारियों के प्रति अच्छी भावना भी तो रहती है।


 जबकि टाइम ने एक दर्जन से अधिक कंपनियों के प्रमुख अधिकारियों से दफ्तर में कर्मचारियों के प्रति सहानुभूति और उनसे मेलजोल बढ़ाने की भावना के संबंध में बातचीत की है और अब उनका कहना है की,


 कर्मचारियों के प्रति उदारता का भाव भविष्य का रास्ता है जबकि टेक कंपनी अडा की चेल्सिया मेकडोनल्ड बताती हैं की हमने शुरुआत से इस विषय को ध्यान में भी रखा है।


 अब फिर से भेदभाव की शिकायत जानिये पूरी खबर 
आपको बता दे कि, मानव संसाधन मैनेजमेंट सोसायटी की 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक विभिन्न कंपनियों में 42 फीसदी अश्वेत कर्मचारियों 26% एशियाइयों जबकि 21 फीसदी हिस्पेनिक कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर नस्ल या रंग के आधार पर गलत बर्ताव का सामना भी किया है।


पारदर्शिता और भागीदारी
कई कंपनियों में बड़े अधिकारी कर्मचारियों को अब हर बैठक के ब्योरे की जानकारी देने लगे हैं। यह पता लगाया जाता है कि किन कर्मचारियों से बड़े अधिकारियों का संवाद नहीं हो पाता है। ऐसे कर्मचारियों से अधिक संपर्क किया जाने लगा है।

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