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आपको बता दे केंद्र सरकार ने 9 मेंबर्स की टीम बनाई, इंफोसिस के नंदन नीलेकणि को एडवाइजर भी बनाया गया जानिये सब कुछ हिंदी में

 

आपको बता दे केंद्र सरकार ने 9 मेंबर्स की टीम बनाई, इंफोसिस के नंदन नीलेकणि को एडवाइजर भी बनाया गया जानिये सब कुछ हिंदी में 



आपको बताते चले की डिजिटल मोनोपली पर रोक लगाने के लिए सरकार ने एक पैनल बनाया है और फिर इसमें IT कंपनी इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि को बतौर एडवाइजर शामिल भी  किया गया है,


 और फिर इस पैनल का मकसद ओपन नेटवर्क को बढ़ावा देना, वैल्यू चेन का डिजिटलाइजेशन करना और यूजर्स के लिए वैल्यू बढ़ाना भी है।


आपको बताते चले की ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) को डिपार्टमेंट ऑफ प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (दीपम) का प्रोजेक्ट ही है और फिर इसकी जिम्मेदारी इंडियन क्वालिटी काउंसिल को मिली ही है और सरकार ने सोमवार को आदेश जारी कर इसकी जानकारी भी  दी है। 


आपको बता दे की प्रोजेक्ट में कई दिग्गज भी शामिल है-


आपको बताते चले की भारत में IT इंडस्ट्री के अनुभवी नंदन नीलेकणि के अलावा परिषद में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के CEO RS शर्मा, QCI चीफ आदिल जैनुलभाई, 


अवाना कैपिटल की फाउंडर अंजलि बंसल, डिजिटल इंडिया फाउंडेशन के को-फाउंडर अरविंद गुप्ता और  नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के हेड दिलीप असबे शामिल भी  हैं।


इसके साथ ही नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी (NSDL) के प्रमुख सुरेश सेठी, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के प्रमुख प्रवीण खंडेलवाल और फिर रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के CEO कुमार राजगोपालन भी पैनल में शामिल ही होंगे।


आपको बताते चले की ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स का मकसद क्या है जाने-


आपको बताते चले की आदेश में कहा गया है कि ONDC का उद्देश्य ओपन सोर्स मेथडोलॉजी पर डेवलप ओपन नेटवर्क को बढ़ावा देना ही है और फिर इससे पूरी वैल्यू चेन को डिजिटाइज़ करने, सप्लायर को शामिल किए जाने को बढ़ावा देने, लॉजिस्टिक में दक्षता हासिल करने और कंज्यूमर के लिए वैल्यू बढ़ने की उम्मीद भी है। 

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