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मोहन भागवत ने है कहा की- हर भारतीय का DNA एक ही है, साइंस और इतिहास कहता हैं- ऐसा नहीं है, लेकिन फिर भी चुनाव के वक्त DNA का मुद्दा क्यों उछाला जाता है जानिये पूरी खबर

 

मोहन भागवत ने है कहा की- हर भारतीय का DNA एक ही है, साइंस और इतिहास कहता हैं- ऐसा नहीं है, लेकिन फिर भी चुनाव के वक्त DNA का मुद्दा क्यों उछाला जाता है जानिये पूरी खबर 



आपकी जानकारी के लिए आपको बताते चले की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) चीफ मोहन भागवत का कहना है कि हर भारतीय का DNA एक ही है।

और फिर चाहे हम किसी भी धर्म को मानते हों पर हमारे DNA में कोई फर्क नहीं है तो फिर इसलिए हिन्दू-मुस्लिम एकजुटता जैसी बातों का कोई आशय ही नहीं है। 


 इसके साथ ही उनके इस बयान के मतलब बड़े हैं और फिर उन्होंने ये बयान उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में दिया है जहा पर राजनीतिक पंडितों का कहना है कि,

 यूपी चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और फिर वहां पहले से ही धर्मांतरण, 2 चाइल्‍ड पॉलिसी जैसे मुद्दों पर लोग दो हिस्सों में बंटकर ही बहस कर रहे हैं। 


इसके साथ ही आपको बताते चले की अब DNA। ये चर्चा और जोर पकड़े और फिर इससे पहले भी ये जानना जरूरी है कि मोहन भागवत के दावे में आखिर सच्चाई कितनी है।

ठीक आर्यों के बाद ही हमारे देश में दूसरी नस्‍लों के लोग आए, जिन्होंने बच्चे पैदा किए-
आपको बता दे की आर्यों के बाद हमारे देश में ग्रीक, मंगोल, मुस्लिम, पारसी, पुर्तगाली, फ्रांसीसी और ब्रिटिश भी आए,


 और फिर सभी ने हमारे यहां की महिलाओं से शादी की और बच्चे पैदा किए और फिर जिसके चलते देश में आज सैकड़ों किस्म की नस्लें यानी की DNA भी मौजूद हैं।


क्या आपको खबर है की-मोदी सरकार लाने वाली थी ह्यूमन DNA प्रोफाइलिंग बिल
आपकी जानकारी के लिए आपको बताते चले की नरेंद्र मोदी सरकार 2015 में ह्यूमन DNA प्रोफाइलिंग विधेयक लाने ही वाली थी और फिर अगर ये विधेयक संसद में पास हो गया होता तो आज DNA वाला भी पूरा झगड़ा ही खत्म हो चूका होता। 


अब क्योंकि इस बिल के पास होने के बाद हम सभी के DNA चेक हो चुके होते और  लेकिन वो तैयारी पूरी नहीं हो सकी है। 


आखिर पीएम मोदी के मुंह से DNA निकला तो फिर नीतीश समझ गए बिहारियों को एक करने का मौका भी मिला गया है और फिर पलटवार करते हुए नीतीश बोले कि मोदी ने बिहार के DNA पर उंगली उठाई है और जिनके जिनके पूर्वजों का देश की आजादी की लड़ाई में कोई योगदान ही नहीं था। 


इसके साथ ही आपको बताते चले की, वो हमारे DNA पर उंगली उठा रहे है और फिर चुनाव तक ये अहम मुद्दा भी बना रहा जबकि अब यूपी चुनाव से पहले मोहन भागवत को DNA की भी याद आ चुकी है।


आपको बताते चले की अगर विज्ञान की मानें तब तो मोहन भागवत की बातों में सच्चाई बिलकुल भी नहीं है लेकिन ट्रेंड यही कहता है कि अब भी हमें कई लोग हमारा DNA बताएंगे और फिर ये हमारे ऊपर है कि हम किसकी सुनते है।

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