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अब से वैक्सीनेशन की कोई समय सीमा तय नहीं है, जबकि दिसंबर तक 215 करोड़ नहीं केवल 135 करोड़ वैक्सीन डोज ही उपलब्ध हो पाएंगे, जानिये पूरी रिपोर्ट

 

 अब से वैक्सीनेशन की कोई समय सीमा तय नहीं है, जबकि दिसंबर तक 215 करोड़ नहीं केवल 135 करोड़ वैक्सीन डोज ही उपलब्ध हो पाएंगे, जानिये पूरी रिपोर्ट 



आपको बताते चले की कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लोकसभा में पूछे गए सभी सवालों का सरकार ने लिखित जवाब दिया है और फिर इससे वैक्सीन की कमी का खुलासा भी हुआ है,


 और अब क्योंकि सरकार ने अपने जवाब में कहा है कि, अगस्त से दिसंबर तक वैक्सीन के 135 करोड़ डोज ही उपलब्ध हो पाएंगे और फिर आपको बता दें की इससे पहले भी मई में कहा गया था कि अगस्त से दिसंबर के बीच ही 215 करोड़ डोज उपलब्ध ही हो जाएंगे।


अब से लोकसभा में सरकार का कबूलनामा जानिये-
आपको बताते चले की सरकार ने ये भी कहा है कि, कोरोना महामारी के उभरते हुए हालात को देखते हुए वैक्सीनेशन ड्राइव को पूरी करने की समय सीमा तय भी नहीं की जा सकती है,


लेकिन 18 साल से ऊपर के लोगों को दिसंबर 2021 तक वैक्सीनेट कर दिए जाने की भी उम्मीद है।


इसके साथ ही आपको बताते चले की उधर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा है और फिर केजरीवाल ने कहा है कि वैक्सीन है ही नहीं और फिर केंद्र सरकार को इसके बारे में सोचना भी पड़ेगा कि वैक्सीन की उपलब्धता कैसे बढ़ाई जाए। 


अब अगर मौजूदा रफ्तार के हिसाब से ही वैक्सीनेशन होता रहा तो फिर हम खुद ये टारगेट कब तक पूरा कर लेंगे-
आपको बताते चले की देश में वैक्सीनेशन शुरू हुए 188 दिन हो चुके हैं और अब तक 33.37 करोड़ लोगों को वैक्सीन की कम से कम एक डोज लगाई भी जा चुकी है। 


इसका मतलब है यानी हर रोज औसतन 17.7 लाख से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगी और फिर मौजूदा आबादी का भी ये करीब 23% ही है,


 और फिर अगर यही रफ्तार रही तो देश के हर नागरिक को वैक्सीन की कम से कम एक डोज लगाने में मार्च 2023 की शुरुआत तक का समय ही लगेगा।

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