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21 साल तक की हो सकती है लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु जाने पूरी खबर

 

21 साल तक की हो सकती है लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु जाने पूरी खबर 



आपको बतादे की 15 अगस्त आजादी के दिन लालकिले से पीएम मोदी ने जब देश को संबोधित किया तो उसमें उन्होंने एक बहुत महत्वपूर्ण संकेत दिया। वह था देश में लड़कियों के लिए शादी की न्यूनतम आयु में बदलाव करने की जरुरत है। भारत में शादी करने की न्यूनतम उम्र लड़कों के लिए 21 और लड़कियों के लिए 18 है और  बाल विवाह रोकथाम कानून 2006 के तहत इससे कम उम्र में शादी गैर-कानूनी शाबित होती है।  


और जिसके लिए दो साल की सजा और एक लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है अब सरकार लड़कियों के लिए इस सीमा को बढ़ाकर 21 करने पर विचार कर रही है  यानी की अब लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 से बढ़ाकर 21 की जा सकती है और इससे लड़कियों के जीवन में कई बदलाव आएंगे। सरकार बेटियों के विवाह की न्यूनतम उम्र क्यों बदलना चाहती है? अब आइए इस बात को विस्तार से जानते हैं। 


1929 ई. के शारदा कानून के तहत शादी की न्‍यूनतम उम्र लड़कों के लिए 18 और लड़कियों के लिए 14 साल तय की गई थी। 1978 में संशोधन के बाद लड़कों के लिए ये सीमा 21 साल और लड़कियों के लिए 18 साल हो चुकी थी।  2006 में बाल विवाह रोकथाम कानून ने इन्हीं सीमाओं को अपनाते हुए और कुछ बेहतर प्रावधान शामिल कर इस कानून की जगह ली है। 



विवाह की न्यूनतम उम्र को लेकर भारत में लंबी बहस चलती आई है। अंग्रेजों के समय में शादी को लेकर पहली बार भारत में कानून बने थे और इन कानूनों में समय-समय पर बदलाव कर इसमें लड़के के विवाह की न्यूनतम उम्र 21 और लड़की की 18 साल उम्र तय की गई थी। अब मोदी सरकार लड़कों और लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र एकसमान करने जा रही है। 


इस बीच देशभर से लड़कियों से की गई रायशुमारी में यही सामने आया ‌है कि खुद लड़कियां न्यूनतम उम्र को 21 साल तक बढ़ाए जाने के हक में हैं  क्योंकि उन्हें लगता है कि कानून की वजह से वो अपने परिवारों को शादी करने से रोक सकेंगी। 
 



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